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बुद्ध और उनका मनोविज्ञान:बुद्ध का जीवन एवं महत्वपूर्ण बौद्ध दार्शनिक ग्रंथ—त्रिपिटक (सुत्त, विनय और अभिधम्म) का सबसे सरल और वैज्ञानिक विश्लेषण 

बुद्ध और उनका मनोविज्ञान:बुद्ध का जीवन एवं महत्वपूर्ण बौद्ध दार्शनिक ग्रंथ—त्रिपिटक (सुत्त, विनय और अभिधम्म) का सबसे सरल और वैज्ञानिक विश्लेषण 

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Title -बुद्ध और उनका मनोविज्ञान:बुद्ध का जीवन एवं महत्वपूर्ण बौद्ध दार्शनिक ग्रंथ—त्रिपिटक (सुत्त, विनय और अभिधम्म) का सबसे सरल और वैज्ञानिक विश्लेषण 

Selling price:270 

MRP:370

Genre:  Religion & Spirituality – Buddhism 

Language: Hindi

Pages:208

Binding: Paperback

Book size: Lenth 8.5 inch / Width: 5.5 inch / height: 0.155 inch

ISBN: 978-81-69393-14-0 

Item Weight: 262gsm

Author: राजेन्द्र बहादुर सिंह
Maximum Order Quantity:- 1

Product: Description:-
About the Book: आज से लगभग ढाई हजार वर्ष पूर्व, तथागत बुद्ध ने किसी परलोक को सुधारने या अदृश्य शक्तियों की आराधना करने के बजाय, इसी धरती पर मनुष्य के दुखों, तनावों और मानसिक भटकाव को समाप्त करने का एक बेहद व्यावहारिक मार्ग दिया था। "बुद्ध और उनका मनोविज्ञान " बौद्ध धर्म के सबसे प्रामाणिक स्रोत त्रिपिटक (सुत्त, विनय और अभिधम्म) को एक सर्वथा नवीन, आधुनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखने का एक अभूतपूर्व प्रयास है।

यह पुस्तक सिद्ध करती है कि त्रिपिटक की प्राचीन पालि शिक्षाएँ केवल धार्मिक उपदेश नहीं हैं, बल्कि वे आज के युग के 'कॉग्निटिव साइंस' (Cognitive Science), 'व्यवहार विज्ञान' (Behavioral Science) और 'न्यूरोसाइंस (Neuroscience) का एक प्रामाणिक और जीवंत खाका हैं। इस पुस्तक में आप क्या खोजेंगे

चेतना का पहला वैज्ञानिकः बुद्ध की उस खोजी पद्धति का विश्लेषण, जो श्रद्धा से अधिक प्रयोग, प्रेक्षण और प्रामाणिकता ("अप्प दीपो भव") पर भरोसा करती है।

चार आर्य सत्य और अष्टांगिक मार्गः मानसिक अवसाद (Depression) और चिंता (Anxiety) से मुक्ति की एक बहुआयामी मनोवैज्ञानिक थेरेपी।

मन का डिजिटल नक्शाः अभिधम्म पिटक के अनुसार मानव चेतना का सूक्ष्म वर्गीकरण (८९ चित्त और 52 चेतसिक), जो विचार के पैदा होने से लेकर नष्ट होने तक की गति को मिलीसेकंड के स्तर पर मापता है।

मस्तिष्क की री-वायरिंगः विपश्यना ध्यान का वह व्यावहारिक विज्ञान, जिसे आज का न्यूरोसाइंस 'न्यूरोप्लास्टिसिटी' (Neuroplasticity) के रूप में प्रमाणित कर रहा है।

ऐतिहासिक पदचिह्नः बुद्ध के जीवन से जुड़े सभी प्रमुख पावन स्थलों (लुम्बिनी, बोधगया, सारनाथ, श्रावस्ती, राजगीर, वैशाली और कुशीनगर) का एक संक्षिप्त एवं प्रामाणिक परिचय, जो इस वैचारिक यात्रा को ऐतिहासिक धरातल प्रदान करता है।

यह पुस्तक किसके लिए है?

यह पुस्तक उन सभी जिज्ञासु पाठकों, शोधकर्ताओं, ध्यानियों और आधुनिक युवाओं के लिए है जो मन की गहराइयों को समझना चाहते हैं, अपनी पुरानी आदतों (संस्कारों) के ढर्रे को तोड़ना चाहते हैं, और कोरे अंधविश्वासों से दूर रहकर तर्क और प्रज्ञा की रोशनी में एक संतुलित व शांत जीवन जीना चाहते हैं

8) About the Author: राजेंद्र बहादुर सिंह हिंदी साहित्य के एक गंभीर अध्येता, रचनाकार और शोधार्थी हैं। गद्य और पद्य दोनों विधाओं पर समान अधिकार रखने वाले लेखक की रुचि मानव मनोविज्ञान, प्राचीन भारतीय दर्शन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय में गहराई से रही है। लंबे समय तक विभिन्न रचनात्मक लेखन परियोजनाओं और शोध कार्यों से जुड़े रहने के कारण, उन्होंने सदैव इस बात पर बल दिया है कि हमारे प्राचीन ग्रंथ केवल श्रद्धा के विषय नहीं हैं, बल्कि वे आज के व्यावहारिक जीवन और विज्ञान की कसौटियों पर भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं। "बुद्ध और उनका मनोविज्ञान उनकी गहन शोधपरक दृष्टि और त्रिपिटक के गहन अध्ययन का परिणाम है। इस पुस्तक के माध्यम से उन्होंने अत्यंत जटिल और दार्शनिक पालि सिद्धांतों को आधुनिक 'कॉग्निटिव साइंस' और 'न्यूरोसाइंस से जोड़कर अत्यंत सरल और सुबोध भाषा में पाठकों के सामने प्रस्तुत किया है। उनका मानना है कि बुद्ध का मार्ग अंधविश्वास का नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर प्रज्ञा का दीया जलाने का मार्ग है।

 

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